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कैसे जानें कि राहु शुभ है या अशुभ

कैसे जानें कि राहु शुभ है या अशुभ

राहू ग्रह, हमारे ग्रह
कैसे जानें कि राहु शुभ है या अशुभ? 🚀 क्या राहु आपके जीवन में सफलता लाएगा या बाधाएं? जानिए सही संकेत! 🔍 भूमिका: राहु भारतीय ज्योतिष में एक रहस्यमयी ग्रह माना जाता है। यह जीवन में अचानक बदलाव, छल-कपट, भ्रम और अप्रत्याशित घटनाओं का कारक हो सकता है। लेकिन क्या राहु हमेशा अशुभ होता है? बिल्कुल नहीं! कई बार यह व्यक्ति को अत्यधिक सफलता और प्रसिद्धि भी दिला सकता है। इस लेख में हम जानेंगे: ✅ राहु शुभ होता है या अशुभ – कैसे पहचानें? ✅ राहु के शुभ-अशुभ प्रभावों के लक्षण ✅ राहु को कैसे नियंत्रित करें? ✅ उपाय और सरल टिप्स जो आपको राहु के बुरे प्रभावों से बचाएंगे अगर आप भी अपने जीवन में बार-बार रुकावटों का सामना कर रहे हैं या अचानक सफलताओं के कारण हैरान हैं, तो यह लेख आपके लिए बहुत उपयोगी होगा। आइए, इसे विस्तार से समझते हैं। 📌 राहु का प्रभाव: शुभ या अशुभ? कैसे पहचाने? राहु को 'छाया ग्र...
सनस्टोन(Sunstone)

सनस्टोन(Sunstone)

रत्न ज्योतिष
सनस्टोन क्या होता है ? सनस्टोन पीले रंग का या नीले रंग का चमकीला रत्न होता है. इसे माणिक का उपरत्‍न माना जाता है . सूर्य के शुभ प्रभाव को पाने के लिए, इस रत्न को धारण किया जाता है| सूर्य देव की कृपा से ही जीवन में सफलता मिलती है|  कुंडली में सूर्य को मजबूत करने के लिए यह रत्न धारण किया जाता है| सनस्टोन किसको धारण करना चाहिए? यह रत्न सिंह, तुला और मीन राशि को लिए अच्छा माना जाता है| इन राशियों के जातक ज्योतिषी से सलाह लेकर इस रत्न को धारण कर सकते हैं| बिना परामर्श लिए पहनने पर नुकसान हो सकता है| सनस्टोन पहनने के फायदे इस रत्न को धारण करने से तनाव और मनसिक परेशानियों से छुटकारा मिलता है| इसके अलावा यह रत्न जीवन में सुख और खुशी प्रदान करने में सहायक होता है| पेट से संबंधित समस्या के लिए भी यह रत्न लाभकारी होता है. साहस जैसे गुण का भी विकास होता है| सनस्टोन को कैसे पहने 3 से 5 रत्ती तक ...
साढ़े साती शनि- कब और कहाँ रहता है(Saadhe saati shani – kab aur kahan rahta hai)

साढ़े साती शनि- कब और कहाँ रहता है(Saadhe saati shani – kab aur kahan rahta hai)

शनि ग्रह
साढ़े साती शनि- कब और कहाँ रहता है(Saadhe saati shani - kab aur kahan rahta hai) Saadhe saati shani kab aur kahan rahta hai साढ़े साती कुल 2700 दिन की होती है | दिनों के हिसाब से साढ़े सात वर्ष की अवधि में सामान्तया शनि के शुभ और अशुभ प्रभाव इस प्रकार हैं |  100 दिन : शनि मुख पर रहता है | यह समय जातक के लिए हानिकारक रहता है | 101 से 500 : अर्थात 400 दिन | इस अवधि में शनि दायीं भुजा पर रहता है | यह समय विजयप्रदायक , लाभदायक एवं सफ़लता दिलाने वाला होता है | 501 से 1100 दिन : मतलब 600 दिन | यह समय यात्राकारक रहता है , क्योंकि शनि पैरों पर रहता है | यात्रायें लाभदायक या हानिकारक हो सकती हैं | इसका निर्णय जन्मकुंडली में स्थित शनि कि शुभ -अशुभ स्थिति पर निर्भर करता है | 1100 से 1600 दिन : यानी 500 दिन | इस अवधि में शनि पेट पर रहता है | यह समय भी लाभदायक ,सफलता दिलाने वाला ...