मंत्र जाप की माला में मनकों की संख्या 108 या 54 ही क्यों होती है |

मंत्र जाप माला में मनकों की संख्या 108 या 54 ही क्यों होती है,यह प्रश्न आपके मस्तिष्क में कई बार आया होगा.विभिन्न प्रयोजनों की पूर्ति हेतु विभिन्न मंत्रों की जाप संख्या भी परिवर्तित हो सकती है जैसे  कुछ ग्यारह सौ तो कुछ मंत्र सवा लाख जप संख्या के भी होते है.किन्तु मनकों की संख्या जप हेतु अत्यंत महत्वपूर्ण मानी जाती है.यही कारण है की अधिकतर मालाओ में मनको की संख्या 108 या 54  होती है | ज्योतिष शास्त्र के अनुसार मंत्र जाप में मनकों की संख्या हमारे ग्रहों की संख्या के आधार पर मानी गयी है, वैसे तो बहुत सारे ग्रह हमारे सौर मंडल में हैं परन्तु9 ग्रह मुख्य होते हैं इन्ही ग्रहों की संख्या पर मनकों की संख्या निर्धारित की गयी है |

यदि हम 108 का जोड़ करें तो 9 ही आयेगा और यदि 54 का जोड़ करें तो भी 9 ही आयेगा |

108 = 1+0+8 = 9

54 = 5+4 = 9

इस प्रकार 9 ग्रहों और सारे देवी देवताओं को प्रसन्न करने के लिए जाप करना चाहिए | 

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